Sunday, October 30, 2011

फूल बन कर मुस्कुराना भी ज़िन्दगी है,
मुस्कुरा कर ग़म भुलाना भी ज़िन्दगी है,
जीत कर खुश हुए तो क्या,
हार कर मुस्कुराना भी ज़िन्दगी है

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