Monday, May 28, 2012

वो भी क्या दिन थे !!!


वो भी क्या दिन थे ,
मम्मी की गोद , पप्पा के कंधे,
ना पढाई की सोच, ना Life के फंडे,
ना कल की चिंता, ना Future के सपने ,
अब कल की हे फिकर  और अधूरे है सपने ,
मुड कर देखा तो बहुत दूर है अपने,
मंजिलो को ढूंढते हम कहाँ खो गए,
क्यों हम इतने बड़े हो गए !!!!

-- Taken from Facebook Post